Monday, 30 March 2015

भारत की पहली महिला डॉक्टर



आप सोच सकते है आज से 150 साल पहले हमारे देश में महिलाओ का शिक्षा का स्थर क्या रहा होगा !लेकिन आनंदी बाई पहली ऐसी भ्रारतीय महिला थी जिन्होंने आधिनुक चिकित्सा में डिग्री प्राप्त कर ली थी !आनंदी बाई का जन्म 31 मार्च 1865  को महाराष्ट्र के ठाणे जिले में हुवा था !नौ वर्ष की उम्र में उनका विवाह गोपाल राव जोशी के साथ कर दिया था ! गोपाल राव एक डाकघर में क्लर्क की नौकरी करते थे और वह एक खुले विचारो के व्यक्ति थे !और वे स्त्री शिक्षा के पक्षधर थे !  गोपाल राव ब्राह्मण वर्ग से थे !और उस समय ब्राह्मणो  को संस्कृत शिक्षा पर अधिक जोर दिया जाता था! लेकिन उन्होंने अँग्रेजी शिक्षा का अध्ययन किया !और उन्होंने अपनी पत्नी को भी अँग्रेजी शिक्षा प्राप्त करने में मदद की !चौदह वर्ष की उम्र में आनंदी बाई ने एक बच्चे को जन्म दिया लेकिन आवस्यक चिकित्सा नहीं मिलने के कारण वह अधिक दिनों तक जीवत नहीं रह पाया और वह 10 दिन के भीतर ही वह खत्म हो गया और बच्चे के जन्म के बाद आनंदी बाई भी अस्वस्थ रहने लगी !और यही से  आनंदी बाई की जिंदगी को नई दिशा मिली और उन्होंने डॉक्टर बनने का निर्णय लिया और इस निर्णय ने गोपाल राव को बहुत प्रभावित किया ! गोपालराव ने बहुत अधिक परिश्रम किया और आनंदी बाई को मेडिकल की पढाई के अमेरिका भेज दिया !उन्नीस वर्ष को उम्र में आनंदी बाई ने जून 1883 में अमेरिका के पेन्सिलवेनिया मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लिया !और उन्होंने 11 मार्च 1886 में m.d. की डिग्री हासिल की और बन गई भारत की पहली महिला डॉक्टर !उस समय किसी महिला के लिए मेडिकल डिग्री हासिल कर डॉक्टर बनना किसी उपलब्धि से कम नहीं था !क्यों की उस समय भारत में बाल विवाह की प्रथा जोरो पर थी और महिलाओ को केवल घर ग्रहस्ती तक ही सिमित रखा जाता था !लेकिन आनंदी बाई ने इन सब विपरीत परिस्थितियों में ये गौरव हासिल किया !इस बात का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है की इस आनंदी बाई की उपलब्धि पर Queen Victoria ने बधाई सन्देश भेजा था !

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